विपणन व्यवस्था एवं नीलाम प्रक्रिया
 
विपणन व्यवस्था    

वनोपज को नपतों में रुपान्तरित करके व बिक्री योग्य बनाकर डिपो में चट्टाबन्दी की जायेगी तथा वनोपज के विपणन की निर्धारित प्रक्रियाओं से निस्तारण किया जायेगा। वर्तमान में वनोपज के निस्तारण हेतु निम्न प्रमुख प्रक्रियाएं निर्धारित हैं।


 
    

(क) नीलाम/निविदा।

 
    

(ख) आर्डर सप्लाई।

 
    

(ग) शासकीय आवंटन।

 
    

(घ) फ़ुटकर बिक्री।

 
   
नीलाम प्रक्रिया  
   

नीलाम हेतु विक्रय सूचियों का तैयार किया जाना-

 
   
 

(क) प्लाट प्रभारी अपने प्लाट में पूर्ण समस्त चट्टों का विवरण नीलाम सूची के प्रारुप में प्रत्येक माह डिपो अधिकारी को उपलव्ध करायेगें। डिपो अधिकारी अपने डिपो के समस्त प्लाटों से प्राप्त विवरण के आधार पर प्रत्येक माह नीलाम हेतु संकलित विक्रय सूची का आलेख प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक/विक्रय अधिकारी को प्रस्तुत करेगें। प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक किसी विक्रय डिपो विशेष के पूर्व वर्षो की प्राप्ति के अनुभव तथा वर्तमान वर्ष के अनुभव तथा वर्तमान वर्ष के प्रभागीय लॉगिक प्रबन्धक द्वारा प्रेषित अनुमान के आधार पर पूर्व वर्ष में प्राप्त होने वाली प्रजातिवार, ग्रेडवार व साईजवार मात्रा का अनुमान लगाते हुए प्रत्येक प्रजाति, ग्रेड व साईज के बारहवें भाग की विक्रय सूची तैयार कर नीलाम तिथि से 15 दिन पूर्व प्रकाशित कर उसकी प्रतियां प्रबन्ध निदेशक/महाप्रबन्धक व क्षेत्रीय प्रबन्धक को प्रेषित करते हुए विक्रय सूचियों को अपने कार्यालय अथवा सम्बंधित विक्रय डिपो पर क्रेताओं को उपलब्ध करायेंगे।

 
 

(ख) विक्रय सूची मुख्यालय को 15 दिन पूर्व प्राप्त न होने की दशा में नीलाम निरस्त किया जा सकता है।

 

(ग) नीलाम में विक्रय हेतु रखी जाने वाली प्रत्येक लाट एक प्रजाति/श्रेणी/गोलाई/लम्बाई वर्ग की हो। अपिहार्य कारणवश यदि ऐसा न हो तो उसका पूर्ण औचित्य 4.2 के साथ अवश्य लिखा जाये। प्रतिस्पर्धा बनाये रखने के हेतु मांग के अनुरुप छोटी लाटें भी बनायी जाय।

   
 

(घ) जब तक सम्बंधित प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक लिखित में आदेश निर्गत न करें तब तक इन नीलाम सूचियों में नये लौट न तो जोडे जा सकेंगे और न ही कम किये जा सकेंगे। विशेष परिस्थिति में उपरोक्तनुसार प्रकाशित नीलाम सूची में नये लाटों के जोडने अथवा कम करने की दशा में प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक कारण दर्शाते हुए लिखित सूचना क्षेत्रीय प्रबन्धक/महाप्रबन्धक व प्रबन्धक निदेशक को नीलाम से तीन दिन पूर्व प्रेषित करेंगे।

 
नीलाम आयोजन
 

नीलाम में केवल पंजीकृत क्रेता ही भाग लेंगे| विशेष परिस्थि‍तियों में डिपों पर गेट मनी जमा करके क्रेता नीलाम में भाग ले सकते है| डिपो लेखाकार प्रवेश धनराशि जमा कराने वाले क्रेताओं की सूची नीलाम अधिकारी/डिपो अधिकारी को नीलाम से पूर्व उपलब्ध करायेंगे|

 
   
नीलाम स्वीकार सम्बन्धी कार्यवाही  
   

(क) डिपो अधिकारी का दायित्व होगा कि नीलाम के तुरन्त बाद जिन लौटो की बोली नीलाम से निस्तारण हेतु स्वीकार की गई है उनकी सूची डिपो के सूचना पट़ट पर प्रदर्शित करेंगे व प्रतियां महाप्रबन्धक /क्षेत्रीय प्रबन्धक एवं प्रबन्ध निदेशक को पृष्ठांकित करेंगे| नीलाम तिथि से तीन दिन की अवधि में डिपो अधिकारी नीलाम परिणाम निर्धारित प्रारूप में प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक को उपलब्ध करायेंगे|

     

(ख) नीलाम परिणाम अपने उच्चाधिकारियों को निम्नानुसार प्रेषित किया जायेगा:-

 

(अ) डिपो से प्रभागीय प्रबन्धक तक - 3 दिन के अन्दर

 

(ब)प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक/ विक्रय अधिकारी से क्षेत्रीय प्रबन्धक - 3 दिन के अन्दर

 

(स्‍) क्षेत्रीय प्रबन्धक से महाप्रबन्धक - 3 दिन के अन्दर

 

(द) महाप्रबन्धक से मुख्यालय - 7 दिन के अन्दर

(य) मुख्यालय से निर्णय -10 दिन के अन्दर

 

(ग) डिपो अधिकारी नीलाम तिथि से अगले दिवस को महाप्रबन्धक/क्षेत्रीय प्रबन्धक एवं प्रबन्ध निदेशक को कुल विक्रीत लौटो की संख्या व मूल्य की सूचना प्रेषित करेंगे तथा नीलाम सूचना निर्धारित प्रारूप में प्रेषित करेंगे|

   
नीलाम परिणाम  
   

(क) नीलाम परिणाम तैयार करते समय निम्न बिन्दुओं को दृष्टिगत करते हुए विवरण तैयार किया जाए|

 

1. बिकी लौटो का विवरण, प्रपत्र संख्या 4.2 में अनुमोदन क्षमता की दृष्टि से अलग-अलग सक्षम अधिकारी हेतु बनाकर प्रस्तुत किया जाये

2. प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक अपने वित्तीय अधिकार क्षेत्र की लौटो की बिक्री का अनुमोदन क्षेत्रीय प्रबन्धक की अनुमति के उपरान्त नीलाम तिथि से 7 (सात) दिन की अवधि में डिपो अधिकारी को सूचित करेंगे परन्तु नीलाम परिणाम सम्बन्धित क्षेत्रीय प्रबन्धक को नीलाम परिणाम प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर प्रेषित करेंगे|

3. लौटे आधार मूल्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत या अधिक पर बिक्री की गई हो किन्तु प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक/विक्रय अधिकारी की वित्तीय सीमा से अधिक हो, उनका विवरण भी प्रपत्र संख्या 4.2 में अलग से दिया जाय तथा उक्त की बिक्री का अनुमोदन सक्षम अधिकारी से प्राप्त किया जाये|

 

4. आधार मूल्य से कम मूल्य पर बिक्री के अनुमोदन हेतु उनका विवरण प्रपत्र संख्या 4.2 के अतिरिक्त अलग से डिपो अधिकारी प्रस्तुत करेंगे| यह विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत किया जायेगा तथा अभियुक्ति के स्तम्भ में प्रकाष्ठ की दशा का विवरण विस्तार से अंकित किया जायेगा ताकि उच्च अधिकारी निरीक्षण कर उक्त विवरण की पुष्टि कर सकें|

 

5. नीलाम परिणाम के साथ विक्रय सूची भी प्रस्तुत की जायेगी|

 

6. नीलाम में बिक्रीत प्रकाष्ठ का बाजार भाव/रूख (मार्केट ट्रेन्ड) का विवरण भी संलग्न किया जायेगा|

 

(ख) क्षेत्रीय प्रबन्धक नीलाम परिणाम प्राप्त होते ही उसका परीक्षण करेंगे तथा अपने वित्तीय अधिकारों के अधीन बिक्रीत लौटो के विक्रय अनुमोदन के सम्बन्ध में निर्णय लेते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की लौटो की बिक्री के अनुमोदन के सम्बन्ध में अपनी संस्तुति सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे|

 

(ग) महाप्रबन्धक नीलाम परिणाम प्राप्त होते ही उसका परीक्षण करेंगे तथा अपने वित्तीय अधिकारों के अधीन बिक्रीत लाटों के विक्रय अनुमोदन के सम्बन्ध में निर्णय लेते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की बिक्री के अनुमोदन के सम्बन्ध में अपनी संस्तुति प्रबन्ध निदेशक को प्रस्तुत करेंगे| साथ ही महाप्रबन्धक सम्पूर्ण नीलाम की विवेचना का परिणाम भी प्रबन्ध निदेशक कार्यालय के विपणन अनुसंधान प्रकोष्ठ को प्रेषित करेंगे|

 

(घ्‍) प्रबन्ध निदेशक कार्यालय में अनुमोदन हेतु प्रेषित लाटों का परीक्षण विपणन प्रकोष्ठ द्वारा तीन दिन के अर्न्तगत करके निर्णय की सूचना सम्बन्धित क्षेत्रीय प्रबन्धक एवं लाटों के स्थलीय निरीक्षण के निर्देश भी दे सकते है|

 
लाटों के अनुमोदन सूचना
 

प्रबन्ध निदेशक/महाप्रबन्धक/क्षेत्रीय प्रबन्धक स्तर से बिक्री हुई लौटो के विक्रय के अनुमोदन/निरस्तीकरण के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त होते ही प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक, डिपो अधिकारी को सूचित करेंगे, ताकि वे क्रेताओं को अनुमोदन पत्र प्रेषित कर सके| अनुमोदन पत्र पंजीकृत डाक से अथवा सीधे क्रेता को हस्तगत कराया जाएगा| जिन लौटो के विक्रय का अनुमोदन डिपो अधिकारी को प्राप्त हो जाएगा उन लौटो के चट्टों पर गोलाई में 10 से०मी० चौडी दूसरी सफेद पट्टी लगा दी जाएगी जो इस बात की सूचक होगी कि लौट बिक चुका है| इस चट्टे पर " बिका हुआ" तथा नीलाम की तिथि भी अंकित की जाएगी|

 
प्रकाष्ठ की निकासी
 

(क) क्रेताओं द्वारा विक्रय मूल्य की अवशेष राशि सभी करों की राशि के जमा कराने पर डिपो लेखाकार प्रपत्र संख्या 4.4 में अनुमति-पत्र निर्गत करेंगे जिस पर डिपो अधिकारी सम्बन्धित प्लाट में निकासी हेतु स्केलर को नामित करते हुए आदेश जारी करेंगे| अनुमति पत्र प्राप्त होते ही गेट पर कार्यरत चौकीदार क्रेता के वाहन को डिपो में प्रवेश करने देंगे वे विवरण प्रपत्र संख्या 3.1 में अंकित करेंगे|

 

(ख) अनुमति पत्र की प्राप्ति के पश्चात सम्बन्धित स्केलर प्रपत्र संख्या 3.7 से प्रकाष्ठ का पुन: मिलान करते हुए निकासी वाहन में प्रकाष्ठ लदान करायेंगे तथा प्रत्येक नग पर निकासी धन लगायेंगे| निकासी धन का प्रतिरूप रवन्ने पर भी लगाया जाएगा| रवन्ना प्राप्ति के पश्चात निकासी वाहन डिपो गेट पर अपना निर्गमन प्रपत्र संख्या 3.2 में अंकित करा देगा|

 

(ग) डिपो लेखाकार का दायित्व होगा कि वे प्राप्त धनराशि को अगले ही दिवस प्रबन्ध निदेशक व प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक के खाते में जमा करवायें व उक्त का विवरण प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक को भिजवायें|

 

(घ) प्लाट प्रभारी प्रपत्र 3.8, 3.10 का विवरण दैनिक रूप में डिपो अधिकारी को देंगे ताकि डिपो अधिकारी प्रपत्र संख्या 3.11 अद्यावधिक रूप से पूर्ण भर सकें| डिपो अधिकारी मासिक रूप से डिपो रहतिया की सूचना प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक, क्षेत्रीय प्रबन्धक/महाप्रबन्धक को प्रेषित करेंगे तथा साथ ही निर्धारित प्रारूप में सम्बन्धित बीमा कम्पनी को भी रहतिये का विवरण व मूल्यांकन प्रेषित करेंगे ताकि डिक्लेरेशन पालिसी के अर्न्तगत वनोपज का 'रिस्क' आच्छादित रहें|

 
क्लीरियन्स सेल

(क) क्लीयरेन्स सेल के माध्यम से विक्रय किये जाने वाली प्रकाष्ठ का नीलाम दो क्षेत्रीय प्रबन्धक द्वारा संयुक्त रूप से स्वयं किया जायेगा|

(ख)

दोनो क्षेत्रीय प्रबन्धकों की सन्तुष्टि पर कि नीलाम स्वच्छ व प्रतिस्पर्धात्मक रहा है लाटो का अनुमोदन मौके पर ही दिया जायेगा|

(ग)

क्लीयरेन्स सेल में विगत दो वर्षो अथवा उससे पूर्व के उत्पादित प्रकाष्ठ/वनोपज का ही निस्तारण किया जायेगा| नया माल क्लीयरेन्स सेल में न रखा जाए|

आर्डर सप्लाई

सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों, उपक्रमों,निगमों, स्कूल/कालेजों की उनकी आवश्यकता का प्रकाष्ठ व ईंधन निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाय| संस्थाओं से सीधे मांग प्राप्त कर उपलब्धता के अनुसार प्रकाष्ठ व ईंधन की आपूर्ति की जाएगी|

   
फुटकर बिक्री
 

भवन निर्माण, फर्नीचर निर्माण व घरेलू उपभोक्ताओं को उनके निजी उपयोग हेतु उच्च गुणवत्ता का इमारती प्रकाष्ठ, जलौनी लकडी, बांस आदि की आपूर्ति निर्धारित दरों पर 10 घनमीटर की अधिकतम सीमा तक करने की व्यवस्था है|

 
नीलामी की शर्तें
    सामान्य शर्ते:-

1. वन उपज का नीलाम सामान्यतया प्रकाष्ठ की लाट बनाकर गोल ठेके की पद्धति द्वारा किया जायेगा। नीलाम में भाग लेने हेतु सम्भावित क्रेता को वन निगम में अपना नाम पंजीकृत कराना होगा। पंजीकरण धनराशि रू0 20.000(रू0 बीस हजार मात्र) होगी। यदि कोई अपंजीकृत क्रेता नीलाम में लाट लेना चाहे तो उसे रू0 10.000 (रू0 दस हजार मात्र) प्रवेश शुल्क (गेटमनी) जमा करना होगा। किसी क्रेता/फर्म के नाम से उसके द्वारा अधिकृत अन्य व्यक्ति भी उपरोक्तानुसाार धनराशि जमा कर नीलामी में भाग ले सकता है। कोई अन्य व्यक्ति अधिकृत तभी माना जायेगा जब वह क्रेता/फर्म द्वारा प्रदत्त अधिकार पत्र जा नोटरी द्वारा सत्यापित हो, प्रस्तुत करेगा। अधिकार पत्र के दो प्रारूप (प्रारूप अ तथा प्रारूप ब) हैं, जो डिपो पर उपलब्ध होंगे। यदि नीलाम में क्रेता/फर्म के नाम किसी लाट की बोली छूटती है तो इस राशि में से उपयुक्त राशि जमानत के रूप में समायोजित कराई जायेगी, अन्यथा यह राशि नीलाम समाप्ति पर क्रेता/अधिकृत व्यक्ति को वापस कर दी जायेगी। जो क्रेता/फर्म लाट की बोली स्वीकार रहो जाने के बाद निर्धारित जमानत धनराशि जमा नही करते हैं, उनके पंजीकरण अथवा गेटमनी जैसी भी स्थिति हो, की धनराशि जब्त कर ली जायेगी तथा क्रेता/फर्म एवं बोली देने वाले व्यक्ति दोनो को उ0प्र0 वन निगम के नीलामों में भाग लेने से ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है।


2. यद्यपि लाट में सम्मलित प्रत्येक नग आदि की नपत विक्रय सूची में सहीं अंकित की जाती है, तथापि क्रेता को चाहिए कि बोली देने से पहले लाट को भली भाँति देख लें। यदि कोई क्रेता विक्रय सूची में दर्ज वन (उपज जलौनी/जड़ को छोड़कर) की नाप में संदेह करता है और दोबारा नाम करवाना चाहता है तो वह (क्रेता) सम्बन्धित प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक/विक्रय अधिकारी को लिखित आवेदन पत्र देगा और साथ ही लाट के मूल्य का एक प्रतिशत अथवा रू0 100/- जो भी अधिक हो, जमा करेगा। यदि यदि दोबारा की गई वास्तविक नाप एवं पूर्व अंकित नाप में दो प्रतिशत से अधिक का अन्तर पाया जाता है तो लाट की बिक्री निरस्त कर दी जायेगी और लाट के सम्बन्ध में क्रेता द्वारा जमा की गई समस्त धनराशि उसे लौटा दी जायेगी। परन्तु उपरोक्त अन्तर दो प्रतिशत या उससे कम पाया जाता है तो बिक्री वैध मानी जायेगी और क्रेता द्वारा जमा धनराशि वापस नीं की जायेगी। जलौनी/जड़ की पुन: नपत नही होगी।


3. लाट की बिक्री हो जाने के बाद वनोपज के ग्रेड (गुण श्रेणी) के विषय के क्रेता की कोई शिकायत नहीं सुनी जायेगी। क्रेता वनोपज की भौतिक स्थिति मौके पर देखकर ही बोली दें।


4. लाटों का नीलाम सामान्यत: उच्चतम बोली के आधार पर होगा, परन्तु निगम उच्चतम अथवा किसी भी बोली को स्वीकार करने के लिये बाध्य नहीं होगा। निगम को अधिकार होगा कि उच्चतम अथवा किसी भी बोली को बिना करण बताये अस्वीकार कर दे। रू0 25.000/-(पच्चीस हजार) तक की बोली पर कुल बिक्री का 20 प्रतिशत जमानत के रूप में जमा करना होगा और उससे अधिक बोली पर न्यूनतम रू0 5.000/-(पाँच हजार रूपये) या विक्रय मूल्य का 10 प्रतिशत जमानत जो भी अधिक हो, जमा करना होगा। नीलाम के समय सभी स्थितियों पर ध्यान रखते हुए नीलामकर्ता/अधिकारी अपने विवेकानुसार जमानत राशि बढ़ाने के लिए सक्षम होगा। जमानत का धन नकद या प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वन निगम के नाम पर बने किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक के ड्राफ्ट द्वारा नीलाम के तुरन्त पश्चात उसी दिन जमा करना होगा। उस पर देय बैंक कलेक्शन चार्जेज क्रेता से नहीं मांगे जायेंगे। यह व्यय वन निगम द्वारा वहन किया जायेगा। लाट के विक्रय की स्वीकृति के क्रम में जमानत को यथा स्थिति जब्त अथवा विक्रय मूल्य में समायोजित किया जा सकता है।


5. लाट के विक्रय की स्वीकृति होने पर देय धनराशि (विक्रय मूल्य,आयकर,वैट/व्यापारकर, मण्डीशुल्क तथा अभिवाहन शुल्क) जमा करने हेतु क्रेता के नाम अनुमोदन सूचना जारी की जायेगी, जिसे क्रेता के पास पंजीकृत डाक द्वारा भेजा जायेगा। सूचना में दर्शित देय धनराशि पंजीकृत पत्र प्रेषित करने की तिथि से (प्रेषित करने का दिन दोड़कर) 24 दिन के अन्दर (किन्तु माल उठाने से पहले)जमा करना होगा। यदि सूचना क्रेता को हाथ द्वारा दिया गया है तो सूचना प्राप्त करने के (प्राप्ति के दिन को छोड़कर) 21 दिन के अन्दर (परन्तु माल उठाने से पहले) देय धनराशि राष्ट्रीयकृत बैंक के ड्राफ्ट द्वारा डिपो कार्यालय में जमा करना होगा। जमा हेतु यह भी प्रतिबन्ध होगा कि देय विक्रय मूल्य, आयकर, वैट/व्यापार कर तथा मण्डीशुल्क साथ-साथ ही जमा किया जायेगा तथा अभिवहन शुल्क अलग से माल निकासी के समय अथवा पूर्व में भी जमा किया जा सकता है। निजी क्षेत्र के बैंक जैसे-आइ.सी.आई.सी.आई, एच डी. एफ.सी तथा आई.डी.बी.आई. के बैंक ड्राफ्ट भी सभी देय धनराशियों हेतु मान्य होंगे, वशर्ते इन बैंक की शाखा विक्रय प्रभाग मुख्यालय पर कार्यरत हो। जमा हेतु अन्तिम तिथि तक बने बैंक ड्राफ्ट क्रेता द्वारा यदि अन्तिम तिथि के बाद तीन कार्यदिवस तक डिपो कार्यालय में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसे अन्तिम तिथि को ही प्राप्त माना जायेगा।


6. (अ)- जब भी केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा कोई अन्य कर या संशोषित कर तथा नियम लागू होंगे वह क्रेता को मान्य होगा।

(ब) क्रेता द्वारा कर के छूट सम्बन्धी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर उन्हे उसी स्थान की निकसी की जायेगी, जिस स्थान का उन्होंने अपना व्यवसाय पंजीकृत करवाया हैं।

(स) क्रेता को नियम सं0-6 (ब) में उल्लिखित छूट सभी प्रदान की जायेगी जब क्रेता द्वारा अपने पंजीकृत कार्यालय के सम्बन्धित कर निर्धारण अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो। अन्य जिले अथवा स्थानों के कर निर्धारण् अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र पर कोई छूट देय नहीं होगी।


7. सभी प्रकार के लाटों की नीलाम द्वारा किसी के मामलों में अनुमोदन की अधिकतम अवधि नीलाम की तिथि को छोड़ कर 25 (पच्चीस) दिन तक होगी। यदि निलाम की तिथि को छोड़कर 25 दिन की अवधि समाप्त हो जाती है और क्रेता को बिक्री के अनुमोदन की सूचना पंजीकृत डाक से नहीं भेजी जाती है तो क्रेता लाट को क्रय करने से इंकार कर सकता है और ऐसी स्थिति में क्रेता के मांगने पर उस लाट की जमानत उसको वापस जा सकती है। निरस्त लाटो के सम्बन्ध में उ0प्र0वन निगम किसी भी बोली दाता को निरस्तीकरण की सूचना प्रेषित नहीं करेगा। बोली दाता सम्बन्धित कार्यालयो से स्वयं इस सम्बन्ध में सम्पर्क कर आवश्यकतानुसार सूचना प्राप्त नही कर सकते हैं।


8. (अ) यदि क्रेता पंजीकृत पत्र द्वारा अनुमोदन सूचना प्रेषित होने के 10 दिन के अन्दर (प्रेषण कर दिन छोड़कर) और यदि हाथ द्वारा प्राप्त किया गया हो तो 07 दिन के अन्दर (प्राप्त करने के दिन को छोड़कर) कुल भुगतान जमा करता है तो उसे लाट के ग्रिय मूल्य का 01 (एक) प्रतिशत छूट दी जायेगी।


(ब) कोमल काष्ठ की निम्नलिखित प्रजातियों के 'बी' ग्रेड में उक्त स्थिति में 03 (तीन) प्रतिशत की छूट दी जायेगी-

1-पौपलर 2. सेमल 3.गुटेल 4. पूला 5.कजू 6.झींगन 7.एलन्था/अर्रू 8.हल्दू 9.फल्दू 10.बौरंग 11.गूलर 12.खरपट 13.गोजीना 14.पेपर मलबरी 15.ढाक 16.तुन 17.मलबरी 18.सिरस 19.बहेड़ा 20. बरगद 21.बाकली 22. सलई।


9. शर्त संख्या 05 में उल्लिखित अवधि के अन्दर यदि क्रेता देय धनराशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे अगले 14 (चौदह) दिनों तक प्रत्येक दिन की देरी के लिए देय विक्रय मूल्य की धनराशि पर 0.25 प्रतिदिन की दर से विलम्ब शुल्क देना होगा। यदि विलम्ब शुल्क की 14 दिनों की अवधि के बाद भी क्रेता देय धनराशि का भुगतान नहीं करता है तो उसकी जमानत जब्त कर ली जाएगी और लाट का नीलाम स्वत: निरस्त माना जायेगा।


10- क्रेता को डिपो से लाट की निकासी अनुमोदन सूचना प्रेषित करने की तिथि (प्रेषण की तिथि को छोड़कर) से 45 दिनों के अन्दर करनी अनिवार्य होगी। यदि क्रेता किसी कारणवश उक्त अवधि में डिपो से माल की पूर्ण निकासी नहीं कर पाता है तो उक्त दिनों के बाद 30 दिनों तक प्लाट रेंट के साथ निकासी प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक/विक्रय अधिकारी द्वारा दी जा सकेगी। इन 30 दिनों तक निकासी के लिए क्रेता द्वारा 15 दिन के विलुम्ब के लिये डिपो में पड़े शेष मात्रा के मूल्य का 0.25 प्रतिशत प्रति दिन तथा शेष 15 दिनों हेतु 0.50 प्रतिशत प्रति दिन की दर से प्लाट रेंट देय होगा। उक्त 30 दिनों में यदि क्रेता द्वारा निकासी नहीं ली जाती है तो अगले 30 दिनों के लिए सम्बन्ध्ति क्षेत्रीय प्रबन्धक माल की निकासी हुतु प्लाट रेंन्ट 0.50 प्रतिशत प्रतिदिन के दर पर अनुमति प्रदान कर सकते हैं। अगर उपरोक्त अवधि में भी क्रेता गाल की निकासी नही ले पाता है तो क्रेता के अनुरोध पर विशेष परिस्थितियों में प्लाट रेंट सहित अवधि विस्तार हेतु प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जा सकता है। अन्यथा की स्थिति में-

(अ)- क्रेता द्वारा उस लाट के लिय जमा की गयी समस्त धनराशि वन निगम के पक्ष में स्वत: जब्त मानी जायेगी।

(ब)- डिपो में रखे हुए लाट के समस्त वन उपज पर वन निगम का स्वामित्व हो जायेगा जिसे निगम क्रेता को बिना सूचना दिये हुए चाहे नीलाम द्वारा या अन्य माध्यम से निस्तारण करने के लिए स्वतंत्र होगा तथा इसके लिये क्रेता किसी प्रकार के मुआवजे आदि का हकदार नहीं होगा।


11- देय विलम्ब शुल्क अथवा प्लाट रेंट की धनराशि नकद या ड्राफ्ट के माध्यम से देय होगा।


12- माल उठान, बिक्रय मूल्य जमा करने अथवा छूट की अन्तिम तिथि को रविवार या राजपत्रित/सार्वजनिक अवकाश होने पर अवकाश के अगले दिन को देय तिथि माना जायेगा। भुगतान के सम्बन्ध में डिपो अधिकारी तथा डिपो लेखाकार या दोनों निकासी सूर्योदय व सूर्यास्त के बीच के समय में ही दी जायेगी।


13- क्रेता को डिपो में निकासी सूर्योदय व सूर्यास्त के बीच के समय में ही दी जायेगी।


विशेष शर्तें:-

14- प्रकाष्ठ- लाट के प्रत्येक नग की नपत उस नग पर अंकित रहेगी। सभी प्रकार के लाट आयतन के आधार पर बेचे जायेंगे न कि भार के आधार पर। सिवाय कोयला, असना-छाल एवं बुरादे की लाटों के।


15- बांस, जड, जलौनी एवं फर्स:- बांस किस्म/श्रेणी के अनुसार नगों के आधार पर की जायेगी। जड़, जलौनी व आरा मशीनो से निकले हुए फर्रे का नीलाम सामान्यत: लगभग चट्टा (7 मी.x3मी.x 1मी.) बनाकर चट्टा आयतन मं किया जायेगा। क्रेता को चाहिए कि चट्टे भँलि भाँति देखकर ही बोली दें।


16(अ) - कौरैया, कोयला, असना छाल एवं बुरादा:- कौरैया की लाट नग एवं अनुमानित वजन के अनुसार तथा कोयला, असना, छाल एवं बुरादा की लाट अनुमानित वजन के अनुसार बनायी जायेंगी। इनकी बोली प्रति कुन्तल में ही ली जायेगी तथा इनकी जमानत की धनराशि अनुमानित वजन के अनुसार ही जमा करनी होगी।


(ब)- बिके हुए लाट की अनुमोदन सूचना लाट में अंकित अनुमानित वजन के आधार पर ही जारी किया जायेगा और इसके भुगतान के लिए सामान्य शर्तें लागू होगी।


(स)- लाट की निकासी के लिए भी समान्य शर्तें लागू होंगी। तौल से नीलाम किये जाने के मामलों मं भरे हुए ट्रक,निगम द्वारा मान्य धर्मकांटे पर निगम के अधिकृत कर्मचारी के सामने तौला जायेगा और तौल के पर्चें पर अधिकृत कर्मचारी व क्रेता दोनों हस्ताक्षर करंगे। इस प्रकार के प्राप्त माल के पर्चें के अनुसार ही अन्तिम भुगतान बिल बनाया जायेगा तथा यदि बिल में दर्शित देय भुगतान पूर्व सूचना से अधिक हुआ तो क्रेता को तुरन्त अतिरिक्त धनराशि का भुगतान करना होगा और तभी क्रेता को ट्रक धर्मकांटे से ले जाने दिया जाने की अनुमति दी जायेगी। यदि पहले भुगतान अधिक हो गया तो क्रेता को नियमानुसार अतिरिक्त ध्नराशि वापस (रिफण्ड) की जायेगी।

(द)- निकासी के लिये लाये खाली ट्रक का भार क्रेता को निगम द्वारा मान्य धर्मकांटे पर नियम के अधिकृत कर्मचारी के सम्मुख करवाना होगा। यदि समीप में धर्मकांटा न होने से खाली ट्रक का भार न करवाया जा सकता तो ट्रक रजिस्ट्रेशन किताब में लिखा हुआ ट्रक का भार माना जायेगा। जिन मामलों में एक ट्रक लोड से कम माल होगा, उसका वजन डिपो/गोदाम में उपलब्ध बीमवैलेन्स से तौला जायेगा।


17- शून्य काल:- उ0प्र0 वन निगम के डिपुओं से बिक्री किये गये वनोपज की निकासी लेने में अपरिहार्य परिस्थिति में हुए किसी प्रकार के व्यवधान जिसमें क्रेता उत्तरदायी न हो की अवधि को शून्य काल घोषित करने का पूर्ण अधिकार प्रबन्ध्ा् निदेशक उ0प्र0 वन निगम को होगा।


18- उ0प्र0 वन निगम में नीलाम में भाग लेने वाले क्रेताओं/फर्म को निम्न परिस्थितियों में काली सूची में दर्ज करते हुए पंजीकरण निरस्त कर पंजीकरण/प्रवेश शुल्क जब्त करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी तथा परिस्थिति अनुसार क्रेता/फर्म को वन निगम के नीलामों में भाग लेने से प्रतिबन्धित किया जा सकता है।

(अ)- नीलाम में व्यवधान उत्पन्न करने तथा अन्य क्रेताओं को नीलाम में बोली देने से रोकने पर।

(ब)- डिपो में किसी समय अवैधानिक एवं अनुचित कार्यवाही कर उ0प्र0 वन निगम को क्षति पहुँचाने पर।


19- वन निगम से क्रय कि गयी लाट को पुन: बिक्री प्रथम क्रेता द्वारा वन निगम के डिपो में नही की जा सकेगी। वन निगम वास्तविक क्रेता जिसके नाम बिक्री अनुमोदित की गई होगी, को ही निकासी की अनुमति प्रदान करेगा।


20- क्रेता की एक डिपो में अधिक जमा धनराशि दूसरे डिपो में क्रय की गई लाट के विरूद्ध समायोजित करने हेतु प्रभागीय विक्रय प्रबन्धक/विक्रय अधिकारी का लिखित आदेश ही मान्य होगा।


21- एक क्रेता की वन निगम में जमा धनराशि दूसरे क्रेता के नाम किसी भी दशा में हस्तान्तरित नहीं की जायेगी। यदिन क्रेता चाहे तो एक लाट में अधिक जमा धनराशि को अपने दूसरे लाट के विक्रय मूल्य के विरूद्ध लिखित आवेदन-पत्र देकर समायोजित करा सकता है।


22- विषम परिस्थितियों में डिपो अधिकरी प्राधिकृत होगा कि वन निगम के किसी अन्य डिपो (उसी विक्रय प्रभाग के निकटवर्ती डिपो) से आंशिक रूप से भरी हुई ट्रक/ट्रैक्टर आदि को लिखित अनुमति के पश्चात ही डिपो में प्रवेश दे सकता है। वन निगम के अतिरिक्त किसी अन्य जगह से क्रय किये गये आंशिक प्रकाष्ठ भरें हुए ट्रक/ट्रैक्टर आदि को डिपो में प्रवेश नही करने दिया जायेगा। समान्यतया क्रेता द्वारा लाये गये खाली बुलान वाहनो को ही निकासी हेतु डिपो में प्रवेश दिया जायेगा।


23- इन शर्तों के क्रियान्वयन सम्बन्धी विवाादों में सम्बन्धित क्षेत्रीय प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश वन निगम, आर्बीट्रेटर होंगे, जिनका निर्णय अन्तिम एवं दोनों पक्षों को मान्य होगा।


24- उक्त सम्बन्धी किसी भी नियम/शर्त को प्रबन्ध निदेशक द्वारा आवश्यकतानुसार संशोधित, अतिक्रमित या निष्प्रभावी किया जा सकता है।