अधिकारी एवं उनके कार्य क्षेत्र
(क) प्रबन्ध निदेशक-

प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 वन निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे, जो निगम में समस्त कार्यकलापों के सामान्य निर्देशन के प्रभारी भी रहेंगे। उनका कार्यालय सामान्य प्रशासन, उत्पादन, विपणन, अनुसंधान, विकास एवं प्रशिक्षण, राजस्व नियंत्रण एवं कार्य विस्तार एवं व्यपवर्तन सम्बन्धी कार्य संपादित करना रहेगा। मुख्यालय पर उनके दैनिक कार्यों के सहायतार्थ एक अपर प्रबन्ध निदेशक, महाप्रबन्धक(उत्पादन) , महाप्रबन्धक (विपणन), महाप्रबन्धक (कार्मिक), महाप्रबन्धक (तेन्दूपत्ता), महाप्रबन्धक (उद्योग)सहित मुख्य लेखाधिकारी एवं वित्तीय सलाहकार, क्षेत्रीय प्रबन्धक(मुख्यालय),कार्मिक प्रबन्धक, विपणन प्रबन्धक, योजना एवं मूल्यांकन अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उनके अधीन कार्य करेंगे। प्रबन्ध निदेशक का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश होगा।

   
(ख) महाप्रबन्धक-

महाप्रबन्धक अपने कार्यक्षेत्र के सामान्य प्रशासन व अन्य सम्बन्धित दायित्वों के प्रभारी रहेंगे। उ0प्र0 वन निगम में सात महाप्रबन्धक निम्नवत कार्यरत हैः-

  • महाप्रबन्धक(उत्पादन)- समस्त क्षेत्रों के लौगिंग कार्यों के अतिरिक्त झांसी एवं गोरखपुर क्षेत्र के प्रशासनिक नियंत्रक अधिकारी रहेंगे।

  • महाप्रबन्धक(विपणन)- समस्त क्षेत्रों के अन्तर्गत वनोपज की विक्रय व्यवस्था के नियंत्रक अधिकारी होंगे।

  • महाप्रबन्धक(पूर्वी)- इलाहाबाद क्षेत्र के प्रशासनिक नियंत्रक अधिकारी होंगे ।

  • महाप्रबन्धक(पश्चिमी)- मेरठ क्षेत्र के प्रशासनिक नियंत्रक अधिकारी होंगे ।

  • महाप्रबन्धक(उद्योग) - विकास क्षेत्र(लखनऊ) एवं लखीमपुर खीरी क्षेत्र के प्रशासनिक नियंत्रक अधिकारी होंगे ।

  • महाप्रबन्धक(कार्मिक) - मुख्यालय पर प्रबन्ध निदेशक के सहायतार्थ अधिष्ठान शाखा के नियंत्रक अधिकारी रहेंगे ।

  • महाप्रबन्धक(तेन्दूपत्ता) - इलाहाबाद एवं झांसी क्षेत्र के अन्तर्गत तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्यों के नियंत्रक अधिकारी रहेंगे।


  • इनके अधीन क्षेत्रों के जनपद तथा मुख्यालय जनपद के कार्यक्षेत्र सम्मिलित है।

       
    (ग) क्षेत्रीय प्रबन्धक-

    क्षेत्रीय प्रबन्धक अपने क्षेत्र के प्रशासनिक प्रभारी रहेंगे। उनका कार्यालय भी निर्देशन प्रवृत्ति का रहेगा। वर्तमान में इस पद पर नियुक्ति वन विभाग से वन संरक्षक स्तर के वनाधिकारियों द्वारा प्रतिनियुक्ति पर अथवा वन निगम के सीधी भर्ती की प्रभागीय लौगिंग/विक्रय प्रबन्धकों की प्रोन्नति द्वारा की जायेगी।

       
    (घ) लौगिंग/विक्रय प्रभाग-

    उत्तर प्रदेश वन निगम द्वारा निर्धारित लौगिंग/विक्रय प्रभाग के कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित कार्यों का सम्पादन, नियंत्रण सम्बन्धित प्रभागीय लौगिंग/विक्रय प्रबन्धक के कार्यभार में रहेगा। इन पदों पर वन विभाग से वनाधिकारी की प्रतिनियुक्ति पर तथा उत्तर प्रदेश वन निगम के सीधी भर्ती के प्रभागीय लौगिंग/विक्रय प्रबन्धकों की स्वीकृति संख्या में नियुक्ति की जायेगी।

       
    (च) लौगिंग अनुभाग-

    लौगिंग प्रभाग को कार्य एवं प्रशासन की दृष्टि से अनुभागों में विभक्त किया गया है। लौगिंग अनुभाग का कार्यक्षेत्र प्रभागीय लौगिंग प्रबन्धक प्रस्तावित करेंगे जिसे क्षेत्रीय प्रबन्धक अनुमोदित करेंगे। इस पद पर उप लौगिंग अधिकारी एवं लौगिंग सहायक की तैनाती की जायेगी।

       
    (छ) लौगिंग इकाई-

    प्रभागीय लौगिंग प्रबन्धक प्रभाग को आवंटित कार्य के अनुरुप अनुभागों में स्वीकृत मात्रा नार्म्स के अधीन लौगिंग इकाईयों का सृजन कर क्षेत्रीय प्रबन्धक से अनुमोदन प्राप्त करेंगे। इस पद पर सीधी भर्ती के नियमित स्केलरों की नियुक्ति की जायेगी।

       
    (ज) डिपो-

    वन निगम द्वारा निर्धारित वार्षिक क्षमता के आधार पर प्रकाष्ठ भण्डारण डिपो को ए, बी एवं सी श्रेणी में विभक्त किया गया है। ए श्रेणी के डिपो के प्रभार क्षेत्र में वरिष्ठतम उप लौगिंग अधिकारियों को दिया जायेगा। बी श्रेणी के डिपो के प्रभार हेतु उप लौगिंग अधिकारियों अथवा वरिष्ठतम लौगिंग सहायकों की नियुक्ति की जायेगी। सी श्रेणी के डिपुओं के प्रभार के लिये लौगिंग सहायकों की नियुक्ति की जायेगी।